Wednesday, October 21st, 2026

सीधी बस हादसा: मृतकों के परिजनों को धीरज बंधाने जा रहे CM शिवराज

सीधी
सीधी जिले के शारदा पाटन गांव में मंगलवार सुबह हुए बड़े हादसे में शव निकलने का सिलसिला आज भी जारी रहा। आज सुबह नहर ने तीन शव और उगले। खबर लिखे जाने तक मृतकों की संख्या अब 50 हो गई है। मंगलवार की रात तक 47 शव नहर से बाहर निकाले लिए गए थे। इधर, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी आज दोपहर में पीड़ितों से मिलने के पहुंचे। उन्होंने घटना स्थल का भी निरीक्षण किया। आज सुबह फिर से सर्चिंग शुरू हुई। डैम से पानी रोके जाने के कारण नहर में अब एक से दो फीट तक पानी बचा हुआ है। मंगलवार रात तक करीब पांच से सात किलो मीटर नहर के अंदर सर्चिंग चली थी। आज सुबह करीब दस किलोमीटर तक सर्चिंग की गई। नहर के गोविंदगढ़ तरफ के हिस्से में आज सर्चिंग चल रही है।

सर्चिंग के लिए चार बोट भी नहर में हैं। वहीं अब पानी में भी गोताखोर और एनडीआरएफ, एसडीआरफ, होमगार्ड, पुलिस के जवान भी अब नहर में उतर गए हैं। आईजी उमेश जोगा ने बताया कि उनके पास यह कुछ लोग आए थे, जो अपने परिजनों को लापता बता रहे हैं। इसलिए उनकी तलाश में भी नहर में सर्चिंग की जा रही है।

आईजी ने बताया कि बस जब सीधी से चली थी तब उसमें सिर्फ 32 सवारी बैठी थी, लेकिन घटना स्थल से पहले तब कई जगह पर बस चालक ने सवारियां बैठाई। पुलिस को भी अब अदांजा है कि बस में लगभग 60 यात्री सवार हो सकते हैं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह दोपहर के अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम निरस्त कर घटना स्थल पर पहुंचे। यहां पर वे मृतकों के परिजनों से मिले, उन्हें सांत्वना देते हुए भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ हैं। उन्होंने घटना स्थल का भी निरीक्षण किया और ऐसी भविष्य में स्थिति न बने इसे लेकर भी अफसरों को निर्देश दिए। इधर, परमिट में तय रास्ता बदल कर दूसरे रास्ते से बस चलने का खुलासा होने के बाद अब परिवहन विभाग जागा है। परिवहन आयुक्त मुकेश जैन ने रात में सभी आरटीओ को निर्देश दिए है कि परमिट पर तय रास्ते से ही बसों का संचालन हो। इसके बाद कई शहरों में आरटीओ का अमला सड़कों पर बसों की चैकिंग करने के लिए उतरा।

 

 

Source : Agency

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